मुंबई बना पीवीसी पावरहाउस, ‘विनाइल इंडिया 2026’ में जुटे दुनिया भर के दिग्गज

Fri 10-Apr-2026,11:07 PM IST +05:30

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मुंबई बना पीवीसी पावरहाउस, ‘विनाइल इंडिया 2026’ में जुटे दुनिया भर के दिग्गज Vinyl India 2026
  • विनाइल इंडिया 2026 में 20+ देशों के 1200 प्रतिनिधि शामिल. 

  • पीवीसी उद्योग में आत्मनिर्भरता और वैल्यू चेन पर जोर. 

  • कृषि, जल प्रबंधन और अर्थव्यवस्था में बढ़ती भूमिका. 

Maharashtra / Mumbai :

Mumbai / मुंबई में आयोजित दो दिवसीय वैश्विक समिट विनाइल इंडिया 2026 ने ऐसे समय में दस्तक दी है, जब दुनिया भूराजनीतिक तनाव, आपूर्ति संकट और व्यापारिक अनिश्चितताओं से जूझ रही है। होटल सहारा स्टार में शुरू हुए इस आयोजन ने पीवीसी उद्योग को एक साझा मंच दिया, जहां 20 से अधिक देशों के 1200 प्रतिनिधियों ने भविष्य की दिशा पर गंभीर चर्चा की।

जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड के वाइस चेयरमैन एवं सीईओ अनिल जैन ने पीवीसी की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा, “पीवीसी के मामले में भारत अभी भी दुनिया पर निर्भर है, लेकिन देश के भीतर अपार संभावनाएं हैं।” उन्होंने इसे जल, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास की रीढ़ बताते हुए सरकार से मजबूत और एकीकृत वैल्यू चेन बनाने की अपील की।

समिट में यह भी स्पष्ट हुआ कि कृषि, सिंचाई और जल प्रबंधन में पीवीसी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। जैन के अनुसार, “मूल्य के लिहाज से पीवीसी सबसे बेहतर सामग्री है और यह खाद्य, फाइबर, ईंधन और आवास जैसे क्षेत्रों में अपार अवसर प्रदान करता है।”

द सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एम.पी. तापारिया ने उद्योग में सहयोग और नवाचार पर जोर देते हुए कहा कि तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था पीवीसी के लिए बड़े अवसर लेकर आई है। वहीं, क्रिसिल के धर्मकीर्ति जोशी ने बदलती वैश्विक टैरिफ व्यवस्था के बीच नई रणनीतियों की जरूरत बताई।

करीब ₹35,000 करोड़ के भारतीय पीवीसी बाजार के 2030 तक ₹50,000 करोड़ तक पहुंचने के अनुमान के साथ यह समिट न केवल चुनौतियों का विश्लेषण करता है, बल्कि एक मजबूत, आत्मनिर्भर और नवाचार-आधारित भविष्य की दिशा भी तय करता नजर आता है। 

(अनिल बेदाग)